‘ब्रालेट छोटी सी चीज थी’—कृति के राखी ऐड पर कंगना का नया वार

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डेस्क : अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर उठे विवाद पर अब विस्तार से अपनी बात रखी है। कंगना ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति कृति सेनन के कपड़ों से नहीं, बल्कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार को विज्ञापन में प्रस्तुत किए जाने के तरीके से है।

कंगना ने कहा कि किसी महिला को अपनी पसंद के कपड़े पहनने से कोई नहीं रोक सकता। उनके मुताबिक, मुद्दा यह नहीं है कि कृति ने क्या पहना, बल्कि यह है कि किसी भारतीय त्योहार और संस्कृति को किस तरह पेश किया जा रहा है।

कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक सामान्य अवसर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अभिव्यक्ति है। उन्होंने विज्ञापन में पारंपरिक तत्वों की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें टीका, राखी, घर-परिवार और त्योहार से जुड़े दूसरे सांस्कृतिक प्रतीक दिखाई नहीं दिए।

उन्होंने कहा कि ब्रालेट इस पूरे मामले का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। असली सवाल यह है कि विज्ञापन में रक्षाबंधन की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक भाव को किस तरह दिखाया गया।

कंगना ने यह भी कहा कि त्योहारों की अपनी एक सौंदर्यात्मक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति होती है। उनके मुताबिक, केवल आधुनिक प्रस्तुति के नाम पर त्योहार के पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

दरअसल, कृति सेनन एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में नजर आई थीं। विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ। कृति ने भी आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा था कि संस्कृति और परंपरा कपड़ों की नेकलाइन में नहीं, बल्कि दिल में होती है।

विवाद बढ़ने के बाद ब्रांड ने विज्ञापन को सोशल मीडिया से हटा दिया और कहा कि अगर विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं तो उसका ऐसा कोई इरादा नहीं था।