स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला क्रिकेट टीम आने वाले दो वर्षों में विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने के साथ ही सफेद गेंद के प्रारूपों (वनडे और टी-20) में दबदबा कायम कर सकती है। टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा और भारतीय क्रिकेट में हो रहे बदलावों को देखते हुए यह भरोसा जताया है।
मजूमदार ने शनिवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भीतर हमेशा से विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनाने की सोच रही है। टीम मैदान पर आक्रामकता, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि अगले दो वर्षों में भारतीय टीम विश्व क्रिकेट पर अपना प्रभावशाली दबदबा स्थापित करती है, तो उन्हें बेहद खुशी होगी। उनके अनुसार, टीम का लक्ष्य केवल मुकाबले जीतना नहीं, बल्कि खेल के दोनों सफेद गेंद प्रारूपों में ऐसी टीम बनना है जिसे हराना आसान न हो।
युवा खिलाड़ियों से बढ़ी उम्मीदें
मुख्य कोच ने भारतीय महिला क्रिकेट में उभर रही नई प्रतिभाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अंडर-15, अंडर-19 और भारत-ए के स्तर पर लगातार बेहतर खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मजूमदार के मुताबिक, नई पीढ़ी के खिलाड़ियों में टी-20 क्रिकेट की चुनौतियों को समझने और उसके अनुसार खुद को ढालने की क्षमता तेजी से विकसित हो रही है। युवा खिलाड़ी खेल की आधुनिक तकनीक और पेशेवर दृष्टिकोण को कम समय में अपना रही हैं।
वनडे विश्व कप जीत से मिला नया आत्मविश्वास
भारतीय महिला टीम ने नवंबर 2025 में घरेलू मैदान पर पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई दी। अब टीम की नजर टी-20 प्रारूप में भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल करने पर है।
मजूमदार का मानना है कि घरेलू क्रिकेट से लेकर राष्ट्रीय टीम तक प्रतिभाओं को तैयार करने की प्रक्रिया भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को मजबूत बना रही है। आने वाले वर्षों में युवा खिलाड़ियों का अनुभव और टीम की आक्रामक सोच भारत को विश्व क्रिकेट में नई चुनौतियों के लिए तैयार करेगी।








