नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से देश के युवाओं से खास अपील की। उन्होंने युवाओं से जनगणना-2027 में सक्रिय भागीदारी के लिए अपना एक-दो घंटे का समय देने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं का यह छोटा-सा योगदान देश के लिए बड़ी ताकत बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना महज आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है। इसके जरिए मिलने वाली जानकारी देश की नीतियों और सरकारी योजनाओं को तैयार करने तथा विकास का रोडमैप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
युवाओं से संभालने को कहा नेतृत्व
पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वे जनगणना की प्रक्रिया में आगे बढ़कर नेतृत्व करें। वे अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी को समझने, जांचने और सही तरीके से दर्ज कराने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर युवा केवल एक या दो घंटे भी इस काम के लिए देते हैं तो इससे देश को बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।
पहली डिजिटल जनगणना
जनगणना-2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें लोगों को अपने परिवार से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से खुद दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में स्वयं अपने परिवार का self-enumeration पूरा कर लोगों से भी इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की थी।
इस बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जा रही है। ऐसे में सही और सटीक आंकड़े जुटाना सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘एक घंटा देश के नाम’
लालकिले से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी का संदेश साफ था—देश के निर्माण में योगदान केवल बड़े कामों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी दिया जा सकता है। जनगणना के लिए दिया गया एक-दो घंटे का समय भी देश की नीतियों और भविष्य की योजनाओं को मजबूत आधार दे सकता है।








