डेस्क : यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सोमवार को टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन के जरिए तीन सैन्य अभियान चलाए। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सारी के मुताबिक, पहला हमला रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को निशाना बनाकर किया गया। उन्होंने दावा किया कि हमला सटीक और सीधे तौर पर हुआ, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हुआ। दूसरे हमले में राबिघ स्थित सऊदी अरामको की रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई।
तीसरे अभियान के तहत अबहा हवाईअड्डे, खमिस मुशैत एयरबेस और असीर क्षेत्र के अकीफा शिविर समेत नजरान और जिजान में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया। हूतियों ने इन हमलों को यमन पर सऊदी अरब की कथित सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है।
सारी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना समेत अल-जौफ, ताइज, हज्जा, सादा और मारिब प्रांतों में करीब 60 हवाई और मिसाइल हमले किए, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत नागरिकों के हताहत होने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तनाव बढ़ने के बाद से यमन पर सऊदी हमलों की कुल संख्या 1,576 हो गई है।
हूती प्रवक्ता ने सऊदी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को भी चेतावनी दी। हालांकि, उन्होंने मक्का और मदीना के पवित्र हवाई क्षेत्र को इस चेतावनी से अलग रखा।
सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा
हमलों के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूतियों के लगातार हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने हूती संगठन पर नागरिकों, नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सऊदी बयान में कहा गया कि हूतियों ने मक्का और मदीना सहित रियाद, अबहा, खमिस मुशैत, जिजान, नजरान, ताइफ और यानबू जैसे शहरों को निशाना बनाया है। इसके अलावा दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया गया।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 2014 में हूतियों द्वारा यमन पर नियंत्रण किए जाने के बाद से सऊदी अरब राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास करता रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, इसके बावजूद हूतियों ने शांति के बजाय सैन्य तनाव बढ़ाने का रास्ता चुना, जिससे यमन और वहां की जनता के सामने मानवीय और आर्थिक संकट और गहरा रहा है।
सऊदी अरब ने साथ ही अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, संसाधनों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के अधिकार को दोहराया। मंत्रालय ने कहा कि देश अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी सभी उपाय करेगा। साथ ही सऊदी अरब ने यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल और यमनी सरकार को राजनीतिक एवं सैन्य समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता भी जताई।








