डेस्क : इजरायल के आम चुनाव के शुरुआती एग्जिट पोल ने देश की राजनीति में अनिश्चितता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच मुकाबला बेहद करीबी दिखाई दे रहा है। इजरायल के समाचार चैनलों कान 11 और चैनल 13 के एग्जिट पोल के अनुसार, दोनों प्रमुख गठबंधनों को 51-51 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अरब दलों को लगभग 18 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, अंतिम नतीजों के लिए आधिकारिक मतगणना का इंतजार है।
सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत
इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन चाहिए। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, नेतन्याहू और विपक्ष, दोनों ही बहुमत के आंकड़े से दूर हैं। ऐसे में सरकार गठन के लिए छोटे दलों का समर्थन और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की बातचीत निर्णायक हो सकती है।
अरब दलों की भूमिका पर नजर
एग्जिट पोल में अरब दलों को 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इससे सरकार गठन की प्रक्रिया में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, विपक्ष के कुछ नेताओं ने अरब दलों के साथ गठबंधन को लेकर आपत्तियां जताई हैं। ऐसे में बहुमत जुटाने की राह दोनों पक्षों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य पर निगाहें
यह चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा, ईरान के साथ संघर्ष और 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद पैदा हुई परिस्थितियां प्रमुख मुद्दे रहे। शुरुआती अनुमानों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है, लेकिन इससे अपने आप सरकार बनाने का रास्ता साफ नहीं होता।
आगे क्या होगा?
यदि कोई भी गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाता है, तो सरकार गठन के लिए लंबी राजनीतिक बातचीत हो सकती है। यदि दल बहुमत जुटाने में विफल रहते हैं, तो दोबारा चुनाव की संभावना भी पैदा हो सकती है। फिलहाल एग्जिट पोल के आंकड़े अंतिम परिणाम नहीं हैं और वास्तविक तस्वीर आधिकारिक मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।









