मनोरंजन डेस्क: टीवी जगत की मशहूर निर्माता एकता कपूर ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि साल 2008 उनके पेशेवर जीवन का सबसे खराब साल रहा था। उस दौरान उनके लिए कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था और उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वहीं, मानसिक रूप से साल 2021-2022 उनके लिए सबसे कठिन दौर रहा। एक पॉडकास्ट बातचीत में एकता ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि मुश्किल समय ने उन्हें विनम्रता, टीमवर्क और पेशेवर रिश्तों की अहमियत सिखाई।
ऐश्वर्या राय के साथ एकता कपूर के खिलाफ भी चलता था हेट क्लब
रणवीर इलाहाबादिया के साथ बातचीत में एकता कपूर ने शुरुआती दिनों में सोशल मीडिया पर मिली नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब सोशल मीडिया का चलन शुरू हुआ था, तब ऑरकुट पर उनके खिलाफ हेट क्लब बनाए गए थे। एकता के मुताबिक, उस समय उनके और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के हेट क्लब के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हुआ करते थे।
एकता ने कहा कि कम उम्र में ही बेबाक अंदाज के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, जब कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में आकर बदलाव करता है, तो उसे विरोध और आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है।
2008 में करियर के लिहाज से सबसे खराब दौर
एकता कपूर ने बताया कि 2008 उनके पेशेवर जीवन के लिए बेहद कठिन साल था। उस समय कई चीजें उनके मुताबिक नहीं हो रही थीं और वह परिस्थितियों से निपटने में परेशानी महसूस कर रही थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर का असर उनकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ा था।
हालांकि, मानसिक रूप से सबसे मुश्किल समय के बारे में बात करते हुए उन्होंने कोविड महामारी के दौर का जिक्र किया। एकता ने बताया कि साल 2021 और 2022 उनके लिए मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। लंबे समय तक घर में रहने, आसपास मौतों की खबरें देखने और मातृत्व से जुड़ी चुनौतियों के कारण उन्हें काफी मानसिक दबाव महसूस हुआ।
अपनी गलतियों से सीखे कई अहम सबक
एकता कपूर ने माना कि साल 2008 के दौरान उनसे कई गलतियां हुईं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने कई जरूरी समझौतों और कामकाजी व्यवस्थाओं को लिखित रूप में सुनिश्चित नहीं किया था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि पेशेवर काम में जरूरी शर्तों और समझौतों को दस्तावेजों में दर्ज करना बेहद अहम है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल अच्छे काम के दम पर लंबे समय तक सफलता कायम नहीं रखी जा सकती। इसके लिए लोगों के साथ अच्छे रिश्ते बनाना और उनका सम्मान करना भी जरूरी है। एकता के मुताबिक, उन्हें धीरे-धीरे समझ आया कि कामकाज में भरोसे के साथ-साथ स्पष्टता और बेहतर संवाद भी महत्वपूर्ण हैं।
ओवरकॉन्फिडेंस नहीं, विनम्रता जरूरी
एकता कपूर ने अपने पुराने व्यवहार पर बात करते हुए स्वीकार किया कि एक समय उन्हें अपने काम पर जरूरत से ज्यादा भरोसा था। उन्हें लगता था कि वह बेहतरीन काम कर रही हैं, लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विनम्रता और दूसरों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास को स्वैग समझना सही नहीं है। एकता के अनुसार, सफलता के साथ-साथ लोगों का सम्मान करना, टीम के साथ तालमेल बनाए रखना और अपनी गलतियों से सीखना भी जरूरी है।
एकता कपूर की यह बातचीत बताती है कि लंबे करियर में सफलता के साथ मुश्किल दौर भी आते हैं। ऐसे समय में अपनी गलतियों को स्वीकार करना, रिश्तों को महत्व देना और अनुभवों से सीखना आगे बढ़ने में मदद करता है।








