जेल से निकलते ही गिरफ्तारी, अब सुप्रीम कोर्ट से भी आजम खां को झटका

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डेस्क : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खां को फिलहाल राहत नहीं मिली है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने संकेत दिया कि मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।

आजम खां की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की थी। इस पर अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। हालांकि, पीठ ने कहा कि मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए लिया जा सकता है।

जेल से रिहाई के बाद ईडी ने किया था गिरफ्तार

आजम खां को 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा किया गया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ईडी की टीम उन्हें गाजियाबाद ले गई, जहां जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित धनशोधन मामले में कार्रवाई की गई।

इसके बाद रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किए जाने पर आजम खां को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वह डासना जेल में बंद हैं।

जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है पूरा मामला

प्रवर्तन निदेशालय जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज 58 प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन का मामला दर्ज किया था।

ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों समेत करीब 1,170 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर

आजम खां की गिरफ्तारी के बाद उनकी कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं होने के बावजूद इसी सप्ताह मामले की सुनवाई होने की संभावना है। ऐसे में अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं। आजम खां को इस मामले में राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं, यह आगामी सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।