लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर विपक्ष का मार्च, दिल्ली में हाई अलर्ट

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नई दिल्ली : चुनाव आयोग के खिलाफ अपने विरोध को तेज करते हुए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मार्च में छात्रों, नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों से शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी ने प्रदर्शन की योजना बनाई है और कार्यकर्ता पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि लोग स्वतः ही आंदोलन से जुड़ रहे हैं और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन को जनसमर्थन मिल रहा है।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि यह मार्च किसी राजनीतिक दल, जाति, धर्म या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा में विश्वास रखने वाले नागरिकों का आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, रास्तों में बदलाव करने और बड़ी संख्या में पुलिस व केंद्रीय बलों की तैनाती के जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने विरोध से पीछे नहीं हटेगा।

कई मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही प्रभावित

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर सोमवार सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक प्रवेश और निकास बंद रखने की व्यवस्था की गई है। इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान तैनात किए गए हैं।

राहुल गांधी ने की शांतिपूर्ण मार्च की अपील

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र, नागरिक समाज के संगठन और विपक्षी दल लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करें। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद गड्डम वामसी कृष्ण ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने फॉर्म-6 और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगा।

भाजपा ने प्रदर्शन पर उठाए सवाल

वहीं, भाजपा सांसद एटाला राजेंद्र ने विपक्ष के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे अपने आरोपों के समर्थन में सबूतों के साथ चुनाव आयोग से मिलने का समय लें और अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों के सामने रखें।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ कथित हिंसा का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगाए थे। इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष ने एक बार फिर सड़क पर उतरने का फैसला किया है।