‘मेरे साथ काम करना है तो…’ सुनेत्रा पवार से बोले प्रशांत किशोर, इस नेता पर क्यों भड़के?

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डेस्क : महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर हलचल तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार के साथ हुई लंबी बैठक के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। करीब छह घंटे चली इस बैठक में NCP महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे के कामकाज को लेकर प्रशांत किशोर ने कथित तौर पर नाराजगी जताई।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार से स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम करना है, तो पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को लेकर ठोस फैसला लेना होगा। उनका कहना था कि राज्य संगठन का पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने की स्थिति में महाराष्ट्र में चुनावी रणनीति पर प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल होगा।

छह घंटे चली बैठक

गुरुवार को मुंबई में सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और प्रशांत किशोर के बीच यह महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रशांत किशोर की टीम के दो सदस्य भी मौजूद रहे, जबकि जय पवार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक करीब छह घंटे तक चली।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब NCP में संगठन और नेतृत्व को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी की चुनावी रणनीति, आगामी स्थानीय निकाय चुनाव, राज्यव्यापी जनमत सर्वेक्षण और संगठन को मजबूत करने के मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होने की बात सामने आई है।

पहले भी दिए जा चुके हैं संगठन में बदलाव के सुझाव

प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार के बीच इससे पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि पिछली बैठकों में किशोर ने पार्टी संगठन में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों का सुझाव दिया था। उनका कहना है कि इन सुझावों पर अपेक्षित स्तर पर अमल नहीं हुआ।

इसी को लेकर ताजा बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और संगठन में बदलाव को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। रिपोर्ट के अनुसार, उनका मानना है कि महाराष्ट्र में प्रभावी राजनीतिक रणनीति तैयार करने के लिए संगठन और रणनीतिक टीम के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

अब सुनेत्रा पवार के फैसले पर नजर

प्रशांत किशोर के रुख के बाद राजनीतिक नजरें अब NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार पर टिक गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुनील तटकरे को लेकर पार्टी नेतृत्व क्या फैसला करता है और क्या संगठन में कोई बदलाव किया जाता है।

बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों और पार्टी की चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई। ऐसे में तटकरे को लेकर सामने आया विवाद केवल संगठनात्मक मामला नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए NCP की रणनीति पर भी असर डाल सकता है।

बिहार में जीत के बाद महाराष्ट्र पर नजर

प्रशांत किशोर की महाराष्ट्र में सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है जब बिहार की राजनीति में उनकी पार्टी ने हालिया बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को हराकर राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा की है। इसके बाद सुनेत्रा पवार से उनकी मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी नई अटकलों को जन्म दे दिया है।