महिला-नेतृत्व विकास से जीडीपी में 2-3% वृद्धि संभव: हरदीप सिंह पुरी


डेस्क : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि “महिला-केंद्रित” से “महिला-नेतृत्व वाले” विकास की ओर बढ़ना भारत की आर्थिक वृद्धि को नई गति दे सकता है और इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2 से 3 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। यह बयान उस समय आया जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4,399 दिनों के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरा बताते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने इस अवधि को परिवर्तन का प्रतीक बताया और कहा कि आने वाले समय में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी देश की विकास गति का प्रमुख इंजन बनेगी।

उन्होंने कहा कि जब संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा, तो इसका सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और इससे जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है। उन्होंने इसे महिला आरक्षण कानून और सरकार की नीतियों का परिणाम बताया, जिनका उद्देश्य महिलाओं को केंद्र में रखकर नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना है।

नरेंद्र मोदी सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए पुरी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिससे महिलाओं और बालिकाओं की गरिमा एवं सुरक्षा में सुधार हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया गया है, जिनमें घर का स्वामित्व विशेष रूप से गृहिणी के नाम पर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 3 करोड़ अतिरिक्त घरों की योजना है। उनके अनुसार, घर का स्वामित्व महिला के नाम होने से वह सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बनता है।

उन्होंने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 10.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन का लाभ मिला है और रसोई के कार्यों में उनकी कठिनाई कम हुई है।

ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों को अपेक्षाकृत नियंत्रित रखा। उन्होंने बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में सबसे कम वृद्धि दर्ज की गई, जिसका श्रेय उन्होंने सरकार की नीतियों और तीन बार की उत्पाद शुल्क कटौती को दिया।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के लिए “स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने योग्य” हैं और अगले 12 वर्ष आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए निर्णायक होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत नींव पहले ही रखी जा चुकी है और आने वाले समय में विकास की गति और तेज होगी।

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