एवियां : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित रहे।
इस बीच, जी-7 देशों के नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में यूक्रेन के प्रति अपनी एकजुटता दोहराते हुए उसकी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। समूह ने अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराने, सैन्य उत्पादन बढ़ाने के लिए लाइसेंस देने तथा रूस के तेल और गैस क्षेत्रों पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने पर सहमति जताई।
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों द्वारा जारी संयुक्त घोषणा में कहा गया कि वे यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके साथ अडिग रूप से खड़े हैं। नेताओं ने यूक्रेनी नागरिकों की दृढ़ता और कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई सहनशीलता की सराहना की।
घोषणा में कहा गया कि यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत पर लगातार हमले हो रहे हैं, बावजूद इसके देश ने हाल के महीनों में मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति की है। जी-7 नेताओं ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संघर्ष के समाधान की दिशा में नई गति दिखाई दे रही है।
यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समूह ने अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों, इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी के गोला-बारूद की आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही, यूक्रेन के रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्रदान करने पर भी सहमति बनी। आगामी शीतकाल को देखते हुए यूक्रेन की ऊर्जा जरूरतों के लिए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।
रूस पर दबाव बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जी-7 देशों ने उसके तेल और गैस क्षेत्रों पर लगाए गए प्रतिबंधों को और सख्त करने की घोषणा की।
नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित शांति समझौते का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों को बल मिलेगा और रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति संभव हो सकेगी।


