डेस्क : महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। बालाजी नगर क्षेत्र स्थित कोहिनूर बिल्डिंग (बी-विंग) का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव ने बताया कि मलबे से अब तक 8 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि एक घायल लड़के को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहले ही घोषित थी खतरनाक इमारत
यह हादसा भिवंडी के नारपोली स्थित भंडारी कंपाउंड के गंगाराम वाड़ी इलाके में हुआ। चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट को भिवंडी निजामपुर शहर नगर निगम (BNCMC) ने पहले ही खतरनाक घोषित कर रखा था। नगर निगम ने इमारत को ‘सी-कैटेगरी’ में रखा था, जिसका अर्थ अत्यंत जर्जर और रहने के लिए असुरक्षित इमारत होता है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इमारत के अधिकांश निवासियों को पहले ही खाली कराया जा चुका था। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि मरम्मत के दौरान कुछ पिलर हटाए गए थे, जिससे इमारत की संरचना कमजोर हुई और इसका एक बड़ा हिस्सा गिर गया।
रात में चल रहा था मरम्मत कार्य
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में कुछ मजदूर मौजूद थे। आशंका है कि मलबे में दबे लोगों में वे मजदूर शामिल हैं, जो रात के समय मरम्मत का काम कर रहे थे। इसके अलावा कुछ लोग अपना सामान लेने के लिए भी इमारत में गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही भिवंडी फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम की टीमें और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) मौके पर पहुंच गईं। बचाव दलों ने तुरंत अभियान शुरू किया और मलबा हटाने के लिए पोकलेन मशीनों समेत आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
NDRF ने महिला को सुरक्षित निकाला
बचाव अभियान के दौरान NDRF की टीम ने मलबे से एक महिला को जीवित बाहर निकाला। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। कुछ अन्य लोगों के सुरक्षित निकाले जाने की भी जानकारी सामने आई है।
स्थानीय बीजेपी विधायक महेश चौघुले ने घटनास्थल का दौरा कर बताया कि इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी, जिसके कारण इसे नगर निगम ने खतरनाक घोषित किया था।
प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरा मलबा हटाकर सभी संभावित लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती, तब तक राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच भी की जा रही है।








