डेस्क : मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप ने बाजार पूंजीकरण के मामले में देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह का स्थान हासिल कर लिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप की कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य बढ़कर लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़त के साथ रिलायंस ने टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया, जो लंबे समय से इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ था।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार को बीएसई और एनएसई पर 1,358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुए। कंपनी ने अपना आईपीओ 1,119 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर पेश किया था। इस तरह शेयरों ने निर्गम मूल्य से करीब 21.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बाजार में शुरुआत की। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया।
रिलायंस और टाटा के बीच बढ़ा अंतर
बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि टाटा ग्रुप की कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 25.1 लाख करोड़ रुपये आंका गया। वहीं, अडानी ग्रुप करीब 16.5 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने रिलायंस ग्रुप की बाजार में स्थिति को और मजबूत किया है। दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में कंपनी की मजबूत मौजूदगी को इस बढ़त का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
जियो के वित्तीय प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन भी कंपनी के मूल्यांकन को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 30,049 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। डिजिटल सेवाओं और दूरसंचार कारोबार में कंपनी की व्यापक पहुंच के चलते निवेशकों की निगाहें अब उसके भविष्य के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
शेयर बाजार में जियो की लिस्टिंग को भारतीय कॉरपोरेट जगत का महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, बाजार पूंजीकरण शेयरों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के साथ बदलता रहता है। ऐसे में कारोबारी समूहों की रैंकिंग भी बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।









