वॉशिंगटन : अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नाबालिगों के जेंडर ट्रांजिशन से जुड़े उपचारों के लिए संघीय मेडिकेड और चिल्ड्रन्स हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम (CHIP) की फंडिंग रोकने का फैसला किया है। नए नियम के तहत प्यूबर्टी ब्लॉकर्स, क्रॉस-सेक्स हार्मोन और जेंडर ट्रांजिशन सर्जरी जैसी प्रक्रियाओं के लिए संघीय फंड उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। यह नियम 13 अक्टूबर से प्रभावी होगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने Truth Social अकाउंट पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बच्चों को ऐसे उपचारों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें वह नाबालिगों के लिए गंभीर और अपरिवर्तनीय नुकसान की आशंका वाला मानते हैं। ट्रंप के निर्देश पर यह फैसला सेंटर फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज (CMS) के प्रशासक डॉ. मेहमत ओज द्वारा घोषित किया गया।
अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) के अनुसार, अंतिम नियम के तहत संघीय मेडिकेड और CHIP फंड से नाबालिगों के लिए जेंडर ट्रांजिशन से संबंधित सर्जरी, प्यूबर्टी ब्लॉकर्स और हार्मोन थेरेपी को वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।
HHS सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने कहा कि सरकार ऐसे उपचारों के लिए करदाताओं के पैसे के इस्तेमाल को रोकना चाहती है, जिनसे उनके अनुसार गंभीर जोखिम और अपरिवर्तनीय नुकसान की आशंका हो सकती है।
वहीं, CMS प्रशासक डॉ. मेहमत ओज ने कहा कि बच्चों को संभावित रूप से अपरिवर्तनीय प्रभाव वाले उपचारों से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे विज्ञान पर आधारित नीति और करदाताओं के धन की बचत से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मौजूदा मरीजों के लिए सीमित राहत
नए नियम का असर पहले से हार्मोन थेरेपी ले रहे नाबालिगों पर तत्काल पूरी तरह नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे बच्चों को संघीय फंडिंग के तहत अधिकतम छह महीने तक उपचार जारी रखने की अनुमति होगी।
हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं इस नियम के दायरे में नहीं आएंगी और उनके लिए मेडिकेड तथा CHIP की फंडिंग जारी रहेगी।
ट्रंप ने अपने बयान में इस फैसले को आगामी नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से भी जोड़ा और मतदाताओं से इस मुद्दे को ध्यान में रखने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य नाबालिगों को ऐसे चिकित्सकीय हस्तक्षेपों से बचाना है, जिनके प्रभाव को लेकर सरकार गंभीर चिंता व्यक्त कर रही है।
नया संघीय नियम 13 अक्टूबर से लागू होगा।








