पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं, आतंकवाद का समर्थन करता है: इजरायल


डेस्क : ईरान और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर इजरायल ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने कहा कि पाकिस्तान को एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि उसका रिकॉर्ड आतंकवाद के समर्थन और चरमपंथी संगठनों के प्रति नरम रवैये से जुड़ा रहा है।

इजरायली राजदूत ने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक कारणों से पाकिस्तान की सेवाएं ले सकता है, लेकिन इजरायल की दृष्टि में इस्लामाबाद एक भरोसेमंद भागीदार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिससे उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।

हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संवाद कायम रखने की कोशिश की है तथा दोनों देशों के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीतिक पहल की है। हालांकि, इजरायल लगातार यह संकेत देता रहा है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर आश्वस्त नहीं है।

मध्य पूर्व में जारी तनाव, लेबनान में संघर्ष और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उठे सवाल क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना सकते हैं।

इजरायल ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में आतंकवादी ढांचे को समाप्त करना और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं पाकिस्तान स्वयं को वार्ता और शांति प्रक्रिया का समर्थक बताता रहा है, लेकिन उसकी भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद बने हुए हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles