नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने कांग्रेस के भीतर नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस बार कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने थरूर पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। थरूर ने इसे भारत के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।
हालांकि कांग्रेस का आधिकारिक रुख इससे अलग दिखाई दिया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने थरूर की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी प्रशंसा अब “भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है” और ऐसा लगता है कि वह ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो प्रधानमंत्री ने कही ही नहीं हैं। खेड़ा ने विदेश मंत्रालय के आधिकारिक विवरण का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जिन मुद्दों का उल्लेख थरूर कर रहे हैं, उनका स्पष्ट उल्लेख आधिकारिक दस्तावेजों में नहीं है।
पवन खेड़ा की टिप्पणी के बाद शशि थरूर ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई तथ्य गढ़े नहीं हैं और उनकी टिप्पणी व्यापक रूप से प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित थी। थरूर ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों को दलगत राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही वैचारिक असहमति को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पिछले कुछ समय से शशि थरूर कई अवसरों पर प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति, वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता और कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की पहल की सराहना करते रहे हैं। उनकी इन टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व और थरूर के बीच मतभेद कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बढ़ती सार्वजनिक असहमति विपक्षी दल के भीतर संदेश और रणनीति को लेकर मौजूद मतभेदों का संकेत है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी इस विवाद को कांग्रेस के भीतर विचारधारात्मक भ्रम और नेतृत्व संकट का उदाहरण बताते हुए विपक्ष पर हमला बोला है।
कांग्रेस की ओर से फिलहाल इस विवाद पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, लेकिन शशि थरूर और पवन खेड़ा के बीच हुई यह ताजा नोकझोंक पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई चर्चा का विषय बन गई है।


