पीएम मोदी ने प्रम्बानन मंदिर में की पूजा, भारत करेगा 1000 साल पुरानी धरोहर का जीर्णोद्धार

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योग्याकार्ता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे के अंतिम दिन बुधवार को योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया। पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस प्राचीन हिंदू मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन परियोजना का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर परिसर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसकी भव्यता की झलक दिखाई। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंत्रोच्चार का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय।”

मंदिर पहुंचने पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो का स्थानीय लोगों ने दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज लहराकर स्वागत किया। दोनों नेताओं ने संरक्षण परियोजना से जुड़े अधिकारियों से बातचीत भी की। भारत और इंडोनेशिया के बीच इस परियोजना को सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

भारत-इंडोनेशिया के बीच हुआ समझौता

प्रम्बानन मंदिर के जीर्णोद्धार और संरक्षण को लेकर भारत और इंडोनेशिया के बीच सहमति बनी है। इससे पहले दोनों देशों ने इस संबंध में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए थे। इस पहल के तहत भारत मंदिर की ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण में सहयोग करेगा।

9वीं शताब्दी में हुआ था निर्माण

प्रम्बानन मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में हुआ था। यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर के विशाल शिखरों पर भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा की प्रतिमाएं और कलाकृतियां देखने को मिलती हैं।

मंदिर की दीवारों पर पत्थरों से की गई बारीक नक्काशी में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को उकेरा गया है। परिसर में स्थित 47 मीटर ऊंचा शिव मंदिर इसकी सबसे प्रमुख संरचना है, जिसे प्राचीन हिंदू वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

समय के साथ भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण मंदिर परिसर की कई संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। मूल रूप से इस परिसर में सैकड़ों छोटे-बड़े मंदिर शामिल थे।

साझी संस्कृति को बताया रिश्तों की ताकत

इससे पहले पीएम मोदी ने इंडोनेशिया में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि वायंग कुलित के जरिए महाभारत का मंचन, देवी श्री की पूजा और अन्य परंपराएं भारत और इंडोनेशिया की साझा विरासत को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से भी अपील की कि वे इंडोनेशियाई मित्रों को भारत की संस्कृति से परिचित कराएं और भारत यात्रा के लिए प्रेरित करें।

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