पीओके में फिर बढ़ा उबाल, उनतीस अगस्त को बड़े आंदोलन की तैयारी

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डेस्क : पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज होने के आसार हैं। बुनियादी अधिकारों, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की बदहाली तथा प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आंदोलन के नए चरण का ऐलान किया है। रावलकोट में हुई बैठक में समिति ने विरोध प्रदर्शन और जन लामबंदी का कार्यक्रम तय किया।

JAAC के मुताबिक, 26 अगस्त को पूरे क्षेत्र में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत ‘क्रांति के पैगंबर सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। समिति ने धार्मिक विद्वानों से पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं तथा अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ उनके संघर्ष पर लोगों को संबोधित करने की अपील की है।

29 अगस्त को शिक्षा-स्वास्थ्य के मुद्दे पर प्रदर्शन

आंदोलन का अगला बड़ा चरण 29 अगस्त को होगा। JAAC ने इस दिन ‘मेरे लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्यों नहीं?’ नारे के साथ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में सुविधाओं की कमी को लेकर आवाज उठाई जाएगी।

समिति ने महिलाओं और छात्रों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। JAAC का कहना है कि यह अभियान आर्थिक राहत, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और अधिक अधिकारों की मांग से जुड़े व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। समिति ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उसका शांतिपूर्ण राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।

लापता लोगों और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग

JAAC ने पीओके के अलग-अलग इलाकों से कथित तौर पर लापता लोगों को तत्काल बरामद करने और उन्हें रिहा करने की मांग की है। समिति ने अपने कुछ सदस्यों को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें अदालत में पेश करने और परिजनों से मुलाकात की अनुमति देने की मांग भी की है।

इसके अलावा रावलपिंडी और इस्लामाबाद में गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों, जिनमें महिलाएं और छात्र भी शामिल हैं, की रिहाई की मांग की गई है।

खाद्य और दवाइयों की आपूर्ति रोकने का आरोप

समिति ने पाकिस्तानी अधिकारियों पर पीओके में खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति बाधित करने का आरोप लगाया है। JAAC का दावा है कि आवश्यक सामान लेकर जा रहे वाहनों को रोका गया और ट्रांसपोर्टरों से कथित तौर पर पैसे वसूले गए।

वहीं, विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से भी आंदोलन के समर्थन में सामने आने की अपील की गई है। समिति ने 30 अगस्त को लंदन में प्रस्तावित मार्च में शामिल होने और ब्रिटिश सांसदों के सामने पीओके से जुड़े मुद्दे उठाने का आग्रह किया है।

JAAC इससे पहले बिजली बिलों और अन्य करों के बहिष्कार का आह्वान भी कर चुकी है। पीओके में बुनियादी सुविधाओं, आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अधिकारों को लेकर जारी असंतोष के बीच आंदोलन के नए कार्यक्रम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।