प्रशांत भूषण के बयान से सियासी घमासान, फडणवीस ने कहा- ‘सब बेनकाब हो गया’

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डेस्क : चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘It’s done bro, everything is exposed!!’ लिखकर विपक्ष पर निशाना साधा।

फडणवीस ने आरोप लगाया कि प्रशांत भूषण के बयान से आंदोलन के पीछे का वास्तविक उद्देश्य सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि आखिरकार मन में छिपी बात सामने आ ही गई और पूरा मामला सत्ता हासिल करने से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन की आड़ में विद्यार्थियों और किसानों को उकसाने, जाति तथा भाषा के नाम पर द्वेष फैलाने और देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्रशांत भूषण ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सत्ता परिवर्तन को लेकर अपनी बात रखी।

प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगा रही है, जबकि उनकी मौजूदा लड़ाई निष्पक्ष और सही तरीके से चुनाव कराने के लिए है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह की कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन की मांग और मजबूत होगी।

‘सत्ता परिवर्तन’ लोकतांत्रिक अधिकार: प्रशांत भूषण

प्रशांत भूषण ने अपने बयान में कहा कि सत्ता परिवर्तन की इच्छा रखना गलत नहीं है। उनके मुताबिक, भाजपा ने भी अतीत में सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करना और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने की मांग करना नागरिकों का अधिकार है।

उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश से सड़कों पर उतरने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है। भूषण के अनुसार, इस आंदोलन में युवाओं की अहम भूमिका होगी और नागरिक समाज के संगठनों के साथ राजनीतिक दल भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

भाजपा ने विपक्ष के इरादों पर उठाए सवाल

प्रशांत भूषण के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव सुधार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के बजाय सत्ता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

फिलहाल, SIR और चुनाव आयोग को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के नए दौर में पहुंच गया है। एक ओर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठा रहा है, वहीं भाजपा इन प्रदर्शनों को सत्ता हासिल करने की राजनीतिक कोशिश बता रही है।