डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभावों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की दर से आर्थिक विकास कर रहा है। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में भारतीय प्रवासियों की ओर से आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति पहले से मजबूत हुई है।
वर्ष 2021 के बाद मध्य एशियाई देश ताजिकिस्तान की अपनी दूसरी यात्रा पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा जताई जाती थी। उन्होंने कहा कि भारतीयों की ताकत, दृढ़ संकल्प और मेहनत ने देश की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की अहम भूमिका
रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान लगभग 16 प्रतिशत है, जबकि दुनिया की कुल आबादी में भारत की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ी है। आज वैश्विक मंच पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जाता है।
उन्होंने पिछली स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले देश में नीतिगत निष्क्रियता की चर्चा होती थी, लेकिन अब विभिन्न क्षेत्रों में सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए सुधार केवल मजबूरी नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता है।
38 देशों के साथ व्यापार समझौते, रक्षा उत्पादन में वृद्धि
राजनाथ सिंह ने बताया कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बीच भारत ने लगभग 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। इन समझौतों से भारतीय विनिर्मित उत्पादों के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत अब पनडुब्बियों का निर्माण भी कर रहा है। इसके साथ ही देश में सेमीकंडक्टर उद्योग का पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब जहाज और चिप, दोनों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2.50 लाख से अधिक स्टार्टअप, महिलाओं की भी भागीदारी
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में 2.50 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। इनमें 45 प्रतिशत से अधिक ऐसे स्टार्टअप हैं, जिनमें महिला निदेशक या साझेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को देश की बड़ी सफलता बताया। उनके अनुसार, अगस्त में यूपीआई के माध्यम से 23.66 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि यूपीआई की शुरुआत के दस वर्ष बाद भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
सस्ता इंटरनेट बना अवसरों का माध्यम
राजनाथ सिंह ने कहा कि 12 से 13 वर्ष पहले मोबाइल फोन और इंटरनेट तक पहुंच को बड़ी उपलब्धि माना जाता था। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने मोबाइल डेटा को सस्ता और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी ने केवल लोगों को जोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि उनके लिए शिक्षा, जानकारी, ज्ञान और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान बनाई है।
भारतीय प्रवासियों से देश की प्रतिष्ठा बनाए रखने की अपील
ताजिकिस्तान में रह रहे भारतीय छात्रों और कामगारों से राजनाथ सिंह ने जिम्मेदारी और सावधानी के साथ व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए, जिससे भारत की प्रतिष्ठा पर सवाल उठे।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति के शब्दों और उसके आचरण में अंतर होने से विश्वसनीयता का संकट पैदा होता है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अब तक किसी भारतीय के खिलाफ शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश का सांस्कृतिक प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वे भारत के परिवार का विस्तार हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि वह अब तक 30 से 35 देशों में भारतीय समुदाय को संबोधित कर चुके हैं, लेकिन दुशांबे में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें विशेष लगा।









