नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर हमलों के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सोमवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ भारत और ईरान के आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।
ईरान के भारत स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस बातचीत की जानकारी दी। हालांकि, बातचीत के दौरान किन विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया। भारतीय पक्ष की ओर से भी इस वार्ता पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा के बीच अहम बातचीत
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने भारत की चिंताएं बढ़ाई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, एमटी पेट्रो डॉल्फिन नामक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता बताए गए, जबकि नौ अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, एमटी वैल्थेरा नामक एक अन्य जहाज पर अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
इन घटनाओं के मद्देनजर समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की हिफाजत भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
भारत-ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी
भारत और ईरान के बीच यह बातचीत दोनों देशों के उच्चस्तरीय संपर्कों की कड़ी मानी जा रही है। पिछले महीने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की थी। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई थी।
भारत लगातार क्षेत्रीय संकटों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर देता रहा है। साथ ही, समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
अजीत डोभाल और मोहसेन रेजाई के बीच हुई ताजा बातचीत ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक नजर बनी हुई है। हालांकि, बातचीत के किसी निष्कर्ष या किसी नए समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।









