राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मानहानि मामले की सुनवाई पर लगी रोक

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नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही, अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक भाषण के दौरान प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि इन टिप्पणियों से भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची।

महाराष्ट्र में भाजपा से जुड़े शिकायतकर्ता ने इस मामले में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने अगस्त 2019 में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका की थी खारिज

राहुल गांधी ने समन जारी किए जाने को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने दलील दी थी कि शिकायतकर्ता को इस मामले में शिकायत दर्ज कराने का कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि कथित टिप्पणी में उसका व्यक्तिगत रूप से उल्लेख नहीं किया गया था।

हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 8 सितंबर 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।

चार सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा।

शीर्ष अदालत का यह आदेश मामले की अंतिम सुनवाई या आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल केवल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे बढ़ेगी।