डेस्क : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए INDIA ब्लॉक के दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोक दिया था। बाद में कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
आज कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और वाम दलों ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय तक प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग तक निकाले गए मार्च में AAP और DMK शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, AAP ने बुधवार को कांग्रेस और वाम दलों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है।
ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD) ने भी मंगलवार को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पार्टी ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। इसके बावजूद प्रदर्शन में BJD की भागीदारी को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ उसके बढ़ते समन्वय के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी ने उठाया 300 सांसदों का मुद्दा
मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों के करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सांसद चुनाव आयुक्तों से सीधे बातचीत कर अपनी चिंताएं रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आयोग के कार्यालय तक जाने से रोक दिया गया।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता और प्रभावी अपील व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। विपक्ष पहले से मौजूद मतदाता सूची को आधार बनाने और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने से बचाने की मांग कर रहा है।
खरगे ने विपक्षी सांसदों को बुलाया लंच पर
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की मांग को लेकर तैयार किए गए पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद इस पत्र के माध्यम से चुनाव आयोग से विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय देने की मांग की जाएगी।
राहुल-प्रियंका के खिलाफ मामला दर्ज
इस बीच, आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आकाशवाणी की ओर से दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
शिकायत के मुताबिक, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान पुलिस ने विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। करीब नौ घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को लेकर कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनके साथ कई सांसद मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कहीं भी जबरन प्रवेश नहीं किया। मसूद ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
JMM नेता मनोज पांडे ने मंगलवार के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पांडे ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर विपक्ष सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा और मौजूदा हालात का अंत निश्चित है।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से नहीं हटना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच बुधवार को दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की संभावना है।








