नई दिल्ली : उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में रविवार सुबह अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने करीब 157 अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
सुबह से ही शालीमार बाग गांव के आसपास का क्षेत्र भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छावनी में तब्दील नजर आया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जबकि ड्रोन के माध्यम से पूरे इलाके की निगरानी की गई। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान विरोध-प्रदर्शन हो सकता है, इसलिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सड़क संख्या-320 के चौड़ीकरण के लिए की जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही संबंधित भूमि को खाली कराने और अवैध निर्माण हटाने की अनुमति दे दी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि सड़क विस्तार परियोजना को और अधिक समय तक नहीं रोका जा सकता, क्योंकि इसका सीधा संबंध यातायात व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं की सुगमता से है।
स्थानीय निवासियों का दावा है कि प्रभावित परिवार कई दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उनके पास संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी हैं। लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवार बेघर हो जाएंगे। प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से राहत देने की अपील की है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में निवासियों को 30 मई 2026 तक क्षेत्र खाली करने का समय दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन सड़क विस्तार कार्य के लिए सभी अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए स्वतंत्र होगा।
कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने सामान के साथ घरों से बाहर दिखाई दिए। लोगों के चेहरों पर भविष्य को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को बेहतर आवागमन मिल सकेगा।


