डेस्क : मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पार्क के सभी प्रवेश द्वार बंद कर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। प्रदर्शन को लेकर समर्थकों का पहुंचना भी शुरू हो गया है।
CJP की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से मुंबई में आंदोलन का ऐलान किया गया है। पार्टी का कार्यक्रम शाम करीब 4 बजे शिवाजी पार्क से शुरू होने की बात कही गई है। हालांकि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद पार्टी ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
शिवाजी पार्क के आसपास भारी पुलिस बल
प्रदर्शन को देखते हुए शिवाजी पार्क के सभी एंट्री प्वाइंट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेडिंग की है कि प्रदर्शनकारी मैदान के भीतर प्रवेश न कर सकें। दादर रेलवे स्टेशन पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रेलवे ने स्टेशन पर आरपीएफ जवानों सहित अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है।
पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे बॉम्बे हाई कोर्ट के 2013 के आदेश और महाराष्ट्र सरकार के बाद के आदेशों का हवाला दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन प्रावधानों के तहत शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है और प्रदर्शन के लिए मुंबई में अन्य स्थानों पर अनुमति मांगी जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी जताई असुविधा की चिंता
शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन से होने वाली संभावित असुविधा को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र में स्कूल और अस्पताल भी हैं और बड़े प्रदर्शन से यातायात तथा आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। स्थानीय एसोसिएशन की ओर से पुलिस को पत्र भेजकर शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का आग्रह किए जाने की बात भी सामने आई है।
अभिजीत दीपके पहले भी लिए गए थे हिरासत में
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को प्रदर्शन से एक दिन पहले मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में प्लेकार्ड प्रदर्शित करने के दौरान पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। दीपके इसके बाद सोशल मीडिया पर अपनी रिहाई की जानकारी साझा करते नजर आए।
दीपके लगातार CJP के आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने का अभियान चला रहे हैं। उन्होंने मुंबई में प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें?
CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग रखी है। पार्टी ने 2023 में निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव की भी मांग की है।
CJP की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष को अलग से देखा जाना जरूरी है।
फिलहाल शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस प्रदर्शनकारियों को मैदान में प्रवेश करने से रोकने की तैयारी में है। प्रदर्शन के दौरान हिरासत या अन्य पुलिस कार्रवाई की स्थिति पर नजर बनी हुई है।








