शुभ भविष्य के लिए भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों का बीजारोपण जरूरी : मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’

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जयपुर : अणुविभा केन्द्र, मालवीय नगर स्थित महाप्रज्ञ सभागार में रविवार को ज्ञानशाला दिवस का गरिमामय आयोजन हुआ। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ एवं मुनिश्री संभव कुमार जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अणुविभा केन्द्र मालवीय नगर, मिलाप भवन जौहरी बाजार एवं पोरवाल भवन मानसरोवर की ज्ञानशालाओं के ज्ञानार्थी बालक-बालिकाओं और प्रशिक्षिकाओं ने प्रेरक, रोचक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां दीं।

मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने कहा कि शुभ भविष्य के निर्माण के लिए भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों का बीजारोपण अत्यंत आवश्यक है। आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रारम्भ किया गया ज्ञानशाला का उपक्रम इसी उद्देश्य से निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञानशाला केवल धार्मिक शिक्षा देने का माध्यम नहीं, बल्कि वास्तविक अर्थों में संस्कार निर्माण की शाला है। यहां बच्चों को धार्मिक ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला, अनुशासन और अच्छे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

कार्यक्रम में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के मुख्य ट्रस्टी श्री आलोक जी हीरावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र जी बांठिया, मंत्री श्री राजकुमार जी बाफना, तेरापंथ महिला मंडल शहर की अध्यक्षा श्रीमती कौशल्या जी जैन, श्रीमती रितु जी बांठिया सहित ज्ञानशाला के आंचलिक संयोजक श्री सौरभ जी जैन ने ज्ञानशाला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती राजरानी जी जैन ने किया।

इस अवसर पर श्री वरुण जी बरड़िया ने नेत्रदान पखवाड़े के शुभारम्भ की घोषणा की और नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री हितेश जी भांडिया, श्री कमलेश जी बरड़िया, श्री हिम्मत जी डोसी, श्री सुरेश जी बरड़िया आदि की उपस्थिति में तेरापंथ युवक परिषद के ‘आई डोनेशन फोर्टनाइट 2026’ के बैनर का अनावरण किया गया।

कार्यक्रम से पूर्व ज्ञानशाला रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों एवं समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे आयोजन में धर्म, संस्कार और सेवा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।