नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि लगातार जारी अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने विरोध जताया और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सकीय आवश्यकता को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, ताकि उनकी जांच और उपचार किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने इसका विरोध किया। समर्थकों का आरोप है कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि यह कदम उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
घटना के बाद जंतर-मंतर पर कुछ समय के लिए नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं। उनके आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों का समर्थन मिल रहा था। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर भी समर्थकों और विभिन्न संगठनों ने चिंता व्यक्त की थी।
फिलहाल अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।





