स्टार्मर के बाद ब्रिटेन की कमान संभाल सकते हैं बर्नहैम, कौन हैं किंग ऑफ द नॉर्थ?


डेस्क। ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को ऐतिहासिक उथल-पुथल मच गया। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने डाउनिंग स्ट्रीट पर सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लेबर पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष, संसदीय विद्रोह और हालिया उपचुनावों में मिली हार के दबाव में लिया गया यह फैसला ब्रिटिश राजनीति का नया मोड़ साबित हो रहा है। स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ही ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम लेबर पार्टी के नए नेता और ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं।

कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा देने वाले छठे पीएम स्टार्मर

इस्तीफे की घोषणा करते हुए स्टार्मर ने कहा कि मैंने हर फैसला देश को पहले रखते हुए लिया। अब समय आ गया है कि पार्टी नया नेतृत्व चुनकर आगे बढ़े। मैं अपने उत्तराधिकारी को पूर्ण समर्थन दूंगा और सत्ता का सुचारू, शांतिपूर्ण व व्यवस्थित हस्तांतरण सुनिश्चित करूंगा। इस दौरान स्टार्मर भावुक भी हुए और अपनी पत्नी विक को अपना ‘रॉक’ तथा बच्चों को ‘गर्व’ बताया। यहां आपको बता दें कि कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा देने वाले छठे पीएम कीर स्टार्मर बन गए हैं।

एंडी बर्नहैम कौन?

एंडी बर्नहैम (56) का जन्म 7 जनवरी 1970 को हुआ। वर्तमान में वे ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर हैं और हाल ही में मेकरफील्ड से सांसद चुने गए हैं। लेबर पार्टी में उन्हें पारंपरिक वामपंथी और उत्तरी इंग्लैंड का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। उन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ की उपाधि भी दी जाती है। बर्नहैम ने 1990 के दशक में राजनीति में कदम रखा। गॉर्डन ब्राउन सरकार में स्वास्थ्य और संस्कृति मंत्री रहे। 2010 और 2015 में पार्टी नेतृत्व की दौड़ में शामिल हुए, लेकिन एड मिलिबैंड और जेरेमी कॉर्बिन से हार गए।

2017 से लगातार तीन बार भारी अंतर से ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर चुने गए। कोविड-19 संकट के दौरान उत्तरी इंग्लैंड के हितों की सशक्त वकालत के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की। स्टार्मर की मध्य-मार्ग की रणनीति से अलग, बर्नहैम को अधिक वामपंथी, क्षेत्रीय न्याय और ‘रेड वॉल’ सीटों के समर्थक के रूप में देखा जाता है।

मेकरफील्ड उपचुनाव ने पलटा समीकरण

दरअसल, शुक्रवार को मेकरफील्ड उपचुनाव में बर्नहैम समर्थित उम्मीदवार की शानदार जीत ने उनके दावे को और मजबूत कर दिया। उम्मीदवार ने रिफॉर्म यूके और अन्य दलों के संयुक्त वोटों से करीब 10000 वोटों से बढ़त हासिल की। इस जीत ने लेबर सांसदों में विश्वास जगाया है कि 2029 के आम चुनाव में रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए बर्नहैम सबसे उपयुक्त नेता साबित हो सकते हैं।

स्टार्मर पर बढ़ता दबाव और विद्रोह

पिछले कई हफ्तों से स्टार्मर सरकार आर्थिक मंदी, आव्रजन, ऊर्जा संकट और स्थानीय चुनावों में लगातार हार का सामना कर रही थी। स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग समेत कई मंत्रियों के इस्तीफे और 95 से अधिक लेबर सांसदों द्वारा बर्नहैम का समर्थन करने के संकेत ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर ही स्टार्मर के इस्तीफे की भविष्यवाणी कर दी थी, जो ब्रिटिश मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।

अब आगे क्या होगा?

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बर्नहैम को लेबर के 81 सांसदों का समर्थन आसानी से मिल सकता है। नेतृत्व चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। वेस स्ट्रीटिंग अन्य संभावित उम्मीदवार हैं, लेकिन बर्नहैम अभी सबसे आगे माने जा रहे हैं। बर्नहैम का एजेंडा उत्तरी इंग्लैंड को मजबूत करना, रिफॉर्म यूके के पॉपुलिज्म का मुकाबला और ‘फेयरर ब्रिटेन’ बनाने पर केंद्रित रहने वाला है।

दूसरी ओर सियासी पंडितों का मानना है कि बर्नहैम की ताकत को उनका करिश्माई व्यक्तित्व, क्षेत्रीय जुड़ाव और वामपंथी आधार मानते हैं, हालांकि उन्हें पूरे ब्रिटेन को एकजुट करने की चुनौती भी मिलेगी। फिलहाल ब्रिटेन की राजनीति अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। अगले कुछ दिनों में तय हो जाएगा कि लेबर पार्टी का सातवां प्रधानमंत्री कौन बनेगा।

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