डेस्क : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार जारी है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और जवाबदेही की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। हालांकि, ये विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
राजद नेता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है। विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है। दूसरी ओर, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब भी महत्वपूर्ण है।
विपक्ष का आंदोलन जारी
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध बिहार से लेकर दिल्ली तक देखने को मिला है। विपक्षी नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया है। राजद सहित विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग की भूमिका, SIR प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।








