सेउटा : मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में करीब 60 हजार प्रवासियों के प्रवेश की कोशिश के दो दिन बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासियों में से लगभग सभी अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, इस अभूतपूर्व घटनाक्रम ने यूरोपीय संघ में अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है।
सेउटा लंबे समय से उन प्रवासियों के लिए यूरोप पहुंचने का रास्ता रहा है, जो अफ्रीका से स्पेन के रास्ते यूरोपीय संघ में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। गर्मियों के मौसम में यहां पहुंचने के प्रयास पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार प्रवासियों की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। बताया जा रहा है कि इस तरह के प्रयासों के लिए सोशल मीडिया के जरिए लोगों को संगठित किया जाता है।
इससे करीब एक सप्ताह पहले भी लगभग 1,800 लोगों ने मोरक्को की ओर से समुद्री अवरोधक के आसपास तैरकर सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश की थी। कई संभावित प्रवासियों ने इसके लिए पहले से तैराकी सीखना शुरू कर दिया था। मोरक्को के एक तैराकी प्रशिक्षक के मुताबिक, कुछ लोगों ने खुद तैरना सीखा ताकि समुद्र के रास्ते स्पेन की सीमा तक पहुंच सकें।
सोशल मीडिया पर भी इस अभियान से जुड़े संकेत सामने आए। कुछ फेसबुक समूहों में लोगों ने घटना से पहले वेटसूट और फ्लिपर्स बेचने की जानकारी साझा की। वहीं, अरबी भाषा में समुद्र की स्थिति से जुड़ी सूचनाएं और गूगल मैप्स के स्क्रीनशॉट भी साझा किए गए, जिनमें सेउटा के चट्टानी ताराजाल समुद्र तट तक पहुंचने के रास्ते बताए गए थे।
मोरक्को से सेउटा तक सीधी तैराकी की दूरी महज कुछ सौ मीटर है, लेकिन समुद्री धाराएं बेहद तेज हैं। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पानी में उतरने के कारण कई लोग निर्धारित दूरी से कहीं अधिक तैरते रहे और घंटों तक समुद्र में फंसे रहे।
जो लोग किसी तरह सेउटा के प्रवासी स्वागत केंद्र तक पहुंच पाए, उन्हें वहां भोजन और आगे स्पेन के मुख्य भूभाग तक जाने की उम्मीद थी। लेकिन केंद्र बंद मिला। इसके कुछ घंटे बाद बड़ी संख्या में प्रवासी वापस मोरक्को लौट गए।
सांचेज ने तस्कर गिरोहों को ठहराया जिम्मेदार
घटना के बाद सेउटा में गुरुवार और शुक्रवार को अफरातफरी की स्थिति बनी रही। सीमा नियंत्रण व्यवस्था लगभग चरमरा गई थी। बड़ी संख्या में लोग पैदल, कारों और अन्य वाहनों के जरिए सीमा तक पहुंचे। मोरक्को की ओर वाहनों की भारी भीड़ के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने सेउटा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस संकट के लिए मानव तस्करी करने वाले गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया। सांचेज ने इसे स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि तस्करों ने जून में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की “स्वार्थपूर्ण व्याख्या” की, जो देखते ही देखते लोगों के बीच फैल गई।
स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने जून में फैसला दिया था कि सेउटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश के दौरान समुद्र में रोके गए प्रवासियों को उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। हालांकि, सेउटा पहुंचने के बाद भी प्रवासियों के लिए स्पेन के मुख्य भूभाग तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त सीमा जांच से गुजरना पड़ता है।
यूरोपीय संघ में भी बढ़ा तनाव
घटना के बाद यूरोपीय संघ की सीमा व्यवस्था को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। इटली ने अस्थायी तौर पर यूरोपीय संघ की सीमा-मुक्त शेंगेन व्यवस्था को निलंबित कर दिया है। स्पेन ने इस संकट पर कुछ यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया को “स्वार्थी, विभाजनकारी और गैरकानूनी” करार देते हुए इसकी आलोचना की है।
सेउटा की घटना ने एक बार फिर यूरोप के सामने अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और बाहरी सीमाओं की सुरक्षा की चुनौती को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर सख्त सीमा नियंत्रण और प्रवासन नीति को लेकर चर्चा और तेज होने की संभावना है।








