यूरोप की सीमाओं पर बढ़ा संकट, मेलोनी ने स्पेन को दी शेंगेन रोकने की चेतावनी

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डेस्क : स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा (Ceuta) में बढ़ते प्रवासी संकट को लेकर इटली ने कड़ा रुख अपनाया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार यूरोपीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि हालात बिगड़ने पर स्पेन के साथ शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) की खुली सीमा व्यवस्था को अस्थायी रूप से निलंबित करने जैसे कदम पर भी विचार किया जा सकता है।

मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सेउटा से सामने आ रही तस्वीरें इस बात का “स्पष्ट प्रमाण” हैं कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस मामले पर उन्होंने इटली के गृह मंत्री माटेओ पियांतेदोसी से चर्चा की है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि रोम सीमा पर उत्पन्न स्थिति को देखते हुए चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

मेलोनी ने दोहराया कि उनकी सरकार अवैध प्रवासन के खिलाफ अपनी नीति पर कायम है। उन्होंने मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, सीमाओं की निगरानी और अवैध रूप से प्रवेश करने वालों की शीघ्र वापसी को अपनी प्राथमिकता बताया।

सेउटा में मानवीय संकट की स्थिति

यह घटनाक्रम स्पेन के सेउटा क्षेत्र में तेजी से बढ़ते प्रवासी दबाव के बीच सामने आया है। मोरक्को से सटी इस सीमा पर पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में प्रवासी पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर भारी दबाव बन गया है।

सेउटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवास ने स्थिति को “पूर्ण मानवीय और सामाजिक आपातकाल” बताया है और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार मोरक्को के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

स्पेन सरकार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव

सेउटा संकट को लेकर प्रधानमंत्री सांचेज को घरेलू राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणपंथी पार्टी वॉक्स के नेता सैंटियागो अबास्कल ने इस घटना को “आक्रमण” करार दिया, जबकि मुख्य विपक्षी पीपुल्स पार्टी के नेता अल्बर्टो नुनेज फेइजो ने भी सरकार की सीमा प्रबंधन नीति की आलोचना की।

जर्मनी की अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) पार्टी की सह-अध्यक्ष एलिस वीडल ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सेउटा यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा होने के कारण गंभीर दबाव में है और तत्काल सीमा नियंत्रण कड़े किए जाने चाहिए।

2021 के बाद सबसे बड़ा सीमा संकट

सेउटा में मौजूदा स्थिति को 2021 के बाद का सबसे गंभीर सीमा संकट माना जा रहा है। वर्ष 2021 में मोरक्को से करीब 8,000 से अधिक प्रवासी इस क्षेत्र में दाखिल हुए थे।

सेउटा और पास स्थित मेलिला ऐसे दो स्पेनिश क्षेत्र हैं, जिनकी जमीनी सीमाएं सीधे अफ्रीकी महाद्वीप से जुड़ी हैं और इनके जरिए यूरोपीय संघ में प्रवेश का रास्ता खुलता है।

इस बीच स्पेन में अवैध प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की सरकार की हालिया योजना भी विवादों में है। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया था, जिससे विपक्ष लगातार सरकार पर सीमा सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहा है।