डेस्क : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद के बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि यदि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
गहलोत ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़कर नई शुरुआत का रास्ता तैयार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने काफी पहले मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए थे, लेकिन उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
गहलोत ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक समय भारतीय चुनाव आयोग की पहचान देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक स्वतंत्र और विश्वसनीय संस्था के रूप में थी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर को मतदाता सूची को अद्यतन और सत्यापित करने की प्रक्रिया बताया गया है।
गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर में राजनीतिक अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र और मताधिकार से जोड़ते हुए केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर लगातार दबाव बना रही है।







