राज्यसभा की रेस में फिर चूके कुमार विश्वास, भाजपा ने साधे सियासी समीकरण

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डेस्क : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की ओर से घोषित आठ नामों में कवि कुमार विश्वास का नाम नहीं है। लंबे समय से उनके भाजपा के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन पार्टी की सूची सामने आने के बाद इन चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी के उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।

कुमार विश्वास के नाम को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा थी। माना जा रहा था कि भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों के पैनल में चर्चा होने की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि अंतिम सूची में उन्हें जगह नहीं मिली।

कुमार विश्वास लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन उनके राजनीतिक बयानों और भाजपा नेतृत्व के साथ उनके संबंधों को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रही हैं। ऐसे में राज्यसभा टिकट को लेकर उनका नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे संभावित वापसी के तौर पर देखा जा रहा था।

भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवारों की सूची में कई संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुमार विश्वास को टिकट नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भाजपा उन्हें भविष्य में किसी अन्य भूमिका या जिम्मेदारी के लिए आगे बढ़ाएगी। फिलहाल राज्यसभा के लिए उनका नाम एक बार फिर संभावित दावेदारों की सूची से बाहर हो गया है।