मुंबई : अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर उठे विवाद के बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर उनके समर्थन में सामने आए हैं। जावेद अख्तर ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह को अपनी बात थोड़ी अधिक संयमित और सभ्य भाषा में रखनी चाहिए थी, लेकिन सवाल यह भी है कि केवल उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
जावेद अख्तर ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह ने जो कुछ कहा, वह उनकी व्यक्तिगत राय है। किसी व्यक्ति के बयान से असहमति जताई जा सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें अलग तरीके से निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने माना कि नसीरुद्दीन शाह अपने विचारों को और बेहतर भाषा में रख सकते थे।
राजनीति में भाषा को लेकर भी उठाए सवाल
जावेद अख्तर ने सार्वजनिक जीवन में भाषा के गिरते स्तर को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज राजनीतिक मंचों पर कई बार बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे बयानों पर भी समाज और मीडिया में चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नसीरुद्दीन शाह की भाषा पर सवाल उठाया जा रहा है तो राजनीतिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली भाषा को भी उसी नजर से देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के बजाय सार्वजनिक संवाद में भाषा और मर्यादा के पूरे मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए।
बयान को लेकर हुआ था विवाद
दरअसल, नसीरुद्दीन शाह के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद शुरू हो गया था। उनके बयान पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। अब जावेद अख्तर की टिप्पणी ने इस विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।








