नई दिल्ली : फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। अबू धाबी के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कैप्टन स्मित उपचार का बेहतर तरीके से जवाब दे रहे हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्वि-साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि यूएई स्थित भारतीय दूतावास कैप्टन स्मित, उनके परिवार, स्थानीय प्रशासन और अस्पताल के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और चिकित्सा उपचार का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
कैप्टन स्मित को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सऊदी अरब से अबू धाबी स्थानांतरित किया गया था। भारतीय दूतावास लगातार उनके इलाज और स्वास्थ्य की निगरानी कर रहा है। इससे पहले मंगलवार को दूतावास ने भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए कहा था कि कैप्टन स्मित लगातार स्वस्थ हो रहे हैं। दूतावास ने उनके परिवार, चिकित्सकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने की बात कही थी। साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए लोगों की शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं के प्रति आभार जताया।
पीएम मोदी ने वीडियो कॉल पर जाना हाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छर से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उनके साहस, सूझबूझ तथा धैर्य की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए और उन्होंने प्रधानमंत्री से बात करने को अपने लिए बेहद खास क्षण बताया। उन्होंने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श भी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत गर्व के साथ कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं।
हमले के दौरान पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी वह किसी मुश्किल में होते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में हमले के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को हमले के दौरान कॉकपिट में सामने आए हालात की जानकारी भी दी।
हमले के बाद बचाई 180 लोगों की जान
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में हुई थी। आरोप है कि ओमान के सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला कर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और ड्यूटी से बाहर मौजूद चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। इस दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16 हजार फीट नीचे आ गया और बाद में हाईजैकिंग का आपात संकेत भेजा गया।
विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसने आपात लैंडिंग की। विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। संकट की घड़ी में कैप्टन स्मित की सूझबूझ और साहस की दुनियाभर में सराहना हुई है।








