नई दिल्ली : भारत ने पाकिस्तान की ओर से क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पार घुसपैठ को लेकर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बुधवार को उसे दो टूक जवाब दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति को झूठे और मनगढ़ंत मीडिया प्रचार के जरिए छिपाया नहीं जा सकता।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के हालिया दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ आतंकवादी नेटवर्क को पनाह देने और उन्हें बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान वर्षों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। झूठ बोलना और गलत सूचनाएं फैलाना उसके लिए दूसरी प्रकृति बन चुका है।” उन्होंने पाकिस्तान की ओर से चलाए जा रहे मीडिया अभियानों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि टेलीविजन पर दिखाया जाने वाला कोई भी नाटक जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकता।
इससे पहले शनिवार को विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान हाई कमीशन के प्रभारी राजनयिक (Chargé d’Affaires) को तलब कर सीमा पार घुसपैठ और पाकिस्तान से संचालित मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों की गतिविधियों को लेकर भारत की कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
फिरोजपुर में घुसपैठ पर भारत का पक्ष
भारत ने पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई सुरक्षा घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को भी “निराधार और दुर्भावनापूर्ण” बताया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीन व्यक्ति पाकिस्तान की ओर से अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे।
बीएसएफ जवानों ने उन्हें कई बार चेतावनी देकर पाकिस्तान लौटने को कहा, लेकिन वे वापस जाने के बजाय सीमा बाड़ की ओर बढ़ते रहे। इसके बाद उत्पन्न तत्काल सुरक्षा खतरे को देखते हुए बीएसएफ ने उन्हें निशाना बनाया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान से संचालित सशस्त्र मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों द्वारा बार-बार सीमा पार गतिविधियों के एक स्पष्ट पैटर्न को दर्शाती है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी और इसमें पाकिस्तानी सीमा सुरक्षा बलों की कथित मिलीभगत की जांच करने तथा उचित कार्रवाई करने को कहा है।
भारत ने पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करने, द्विपक्षीय समझौतों का पालन करने और अपनी सीमा से अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पाकिस्तान को ठोस और निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।








