डेस्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को आइवरी कोस्ट की राजधानी अबिदजान में विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री निआले काबा के साथ व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और जनसंपर्क सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि भारत और आइवरी कोस्ट के बीच सहयोग लोगों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाया जाएगा और इसमें पश्चिम अफ्रीकी देश की प्राथमिकताओं को प्रमुखता दी जाएगी। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।
जयशंकर की आइवरी कोस्ट यात्रा उनके पांच दिवसीय घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया दौरे का हिस्सा है। इस दौरे का उद्देश्य तीनों अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करना है।
इससे पहले घाना में जयशंकर ने विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाकवा के साथ व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, फार्मास्यूटिकल्स, क्षमता निर्माण, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही अफ्रीकी संघ और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय (ECOWAS) के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करने तथा बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी विचार हुआ।
घाना ने भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल होने के लिए औपचारिक स्वीकृति पत्र भी भारत को सौंपा। यह गठबंधन बड़ी बिल्लियों के संरक्षण से जुड़े देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वैज्ञानिक संस्थानों, संरक्षण भागीदारों और निजी क्षेत्र को एक मंच पर लाने की पहल है। इसका उद्देश्य संरक्षण के सफल तौर-तरीकों और विशेषज्ञता को साझा करना तथा बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
जयशंकर ने घाना के संस्थापक और प्रथम राष्ट्रपति डॉ. क्वामे नक्रूमा के स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्मारक और संग्रहालय नक्रूमा के आत्मनिर्भरता, गरिमा और स्वतंत्रता के दृष्टिकोण की याद दिलाते हैं तथा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
विदेश मंत्री ने घाना में भारत के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के पूर्व छात्रों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण और कौशल विकास भारत की विकास साझेदारी तथा दक्षिण-दक्षिण सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
घाना के बाद जयशंकर आइवरी कोस्ट पहुंचे हैं और यहां की अपनी बैठकों के बाद वह इथियोपिया जाएंगे। भारत का यह दौरा अफ्रीकी देशों के साथ आर्थिक, विकासात्मक और रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








