रोजगार, राहत और विकास पर फोकस: योगी कैबिनेट ने 39 प्रस्तावों को दी मंजूरी

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर, पूर्व अग्निवीरों को चार सरकारी विभागों में भर्ती के दौरान आरक्षण, जेवर एयरपोर्ट का नामकरण और शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

होली-दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर

योगी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 2,142 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध कराना और लकड़ी व अन्य पारंपरिक ईंधनों से होने वाले धुएं के दुष्प्रभावों को कम करना है।

पूर्व अग्निवीरों को चार विभागों में आरक्षण

कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में सिपाही स्तर के पदों पर भर्ती के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट भी दी जाएगी, जिससे पात्र अभ्यर्थियों को 28 वर्ष की आयु तक अवसर मिल सकेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इन पदों पर चयन के लिए पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने तथा केवल मेडिकल परीक्षण कराने का प्रावधान भी किया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य सैन्य सेवा के बाद युवाओं को राज्य में रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।

जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर

कैबिनेट बैठक में नोएडा के जेवर स्थित एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने की घोषणा भी की गई। यह फैसला बैठक के प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा।

धान खरीद का लक्ष्य 65 लाख टन

सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद का लक्ष्य 65 लाख टन निर्धारित किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक होगी।

इसके अलावा, मक्का का खरीद मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में 10 रुपये बढ़ाकर 2,410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

18 शहरों में चलेंगी 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें

शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ के वृंदावन विहार योजना क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर एकीकृत बस टर्मिनल बनाने का निर्णय भी लिया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 265 करोड़ रुपये है।

आंगनबाड़ी कर्मियों और मेडिकल इंटर्न को राहत

कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे लगभग 3.90 लाख कर्मियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

इसके साथ ही आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा संस्थानों से संबंधित बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस उत्तीर्ण विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। भत्ता 7,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन

प्रदेश में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत सभी 75 जिलों में एआई केंद्र स्थापित करने और वहां एआई फेलो तैनात करने की योजना है।

इसके अतिरिक्त भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने और जीएसटी से संबंधित ब्याज माफी योजना को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट के इन फैसलों में रोजगार, खाद्य खरीद, महिला कल्याण, परिवहन और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य विभिन्न वर्गों को राहत देने के साथ प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।