काठमांडू : नेपाल में भीषण बाढ़ का एक और मामला सामने आया है। गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी घुस गया। बाढ़ के तेज बहाव में मकान और पुल बह गए, जबकि कम से कम चार लोगों के लापता होने की खबर है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब चार बजे नदी का पानी आसपास के गांवों में तेजी से फैलने लगा। अचानक आई बाढ़ से लोग जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागे। उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकानों के बहने की शुरुआती जानकारी सामने आई है।
मकान और पुल बहे, जलविद्युत परियोजना को भी नुकसान
बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत जैसे इलाकों में नदी किनारे स्थित मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। एक पुल भी बह गया, जिससे स्थानीय संपर्क प्रभावित हुआ। गंडकी जलविद्युत परियोजना के कुछ उपकरणों के बहने की भी खबर है।
गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सिउरीबास के ऊपरी क्षेत्र में भूस्खलन की बात सामने आई है। हालांकि, बाढ़ आने के वास्तविक कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं है।
अचानक कैसे आई बाढ़?
स्थानीय लोगों को आशंका है कि बूढ़ी गंडक की सहायक नदी स्यार का प्रवाह कहीं बाधित हो गया था, जिससे पानी जमा होने के बाद अचानक नीचे की ओर बह निकला। हालांकि, इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
नेपाल में इससे पहले भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। ताजा घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को उजागर किया है।








