नई दिल्ली : कनाडा के एडमंटन में प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) की ओर से प्रस्तावित जनमत संग्रह को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने भारत विरोधी गतिविधियों की निंदा करते हुए देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम भारत विरोधी सभी गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हैं।”
रिपोर्टों के अनुसार, SFJ की ओर से 18 अक्टूबर को कनाडा के एडमंटन में तथाकथित जनमत संग्रह आयोजित करने की योजना है। भारत इस तरह की गतिविधियों को लेकर लगातार अपनी चिंताएं व्यक्त करता रहा है।
कनाडाई खुफिया रिपोर्ट का भी किया गया उल्लेख
इस मामले में कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। मई 2025 में कनाडा की संसद में पेश की गई इस रिपोर्ट में कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक चरमपंथी तत्वों की गतिविधियों को देश की सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा बताया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया कि इन तत्वों की हिंसक चरमपंथी गतिविधियों में संलिप्तता कनाडा और उसके हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चुनौती बनी हुई है।
एयर इंडिया विमान हादसे का भी जिक्र
खुफिया रिपोर्ट में 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 पर हुए बम विस्फोट का भी उल्लेख किया गया। इस आतंकी हमले में 329 लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक चरमपंथी तत्वों से जुड़ा कोई हमला दर्ज नहीं किया गया।
भारत लंबे समय से कनाडा सहित अन्य देशों में सक्रिय भारत विरोधी और अलगाववादी तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करता रहा है। एडमंटन में प्रस्तावित जनमत संग्रह को लेकर विदेश मंत्रालय की ताजा प्रतिक्रिया इसी रुख को दर्शाती है।








