डेस्क : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की आठ सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को पार्टी की जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को करारा जवाब दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव के नतीजों से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उन्होंने पुडुचेरी में एनडीए के प्रतिनिधि की जीत पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम में भी चुनावी नतीजों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का जिक्र किया। ईरानी के मुताबिक, असम के नगांव में मतगणना के अब तक के दौरों के आधार पर भाजपा कार्यकर्ता जीत की उम्मीद देख रहे हैं।
यूपी से भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की दस सीटों पर आठ भाजपा और दो समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। भाजपा की ओर से राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान राज्यसभा पहुंचेंगे।
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
नामांकन खारिज होने से निर्विरोध चुनाव का रास्ता साफ
राज्यसभा चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज होने के बाद मुकाबले में कोई अन्य उम्मीदवार नहीं बचा। इसके चलते सभी दस उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। पहले इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित था, लेकिन निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब मतदान की आवश्यकता नहीं रह गई है।
उत्तर प्रदेश के इन नतीजों को भाजपा के लिए अहम राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, स्मृति ईरानी के लोकतंत्र और भीड़तंत्र संबंधी बयान ने चुनावी माहौल में सियासी बहस को और तेज कर दिया है।








