साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा, एक और आरोपी गिरफ्तार

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डेस्क : साइबर ठगी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी से हासिल रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजने वाले गिरोह के एक और आरोपी को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोविन्द वर्मा के रूप में हुई है, जो गगहा क्षेत्र के असवनपार का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ठगी की रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशी वॉलेट में भेजने का काम करता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.51 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में गिरोह के पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच के दौरान गिरोह से जुड़े 34 म्यूल बैंक खातों के माध्यम से 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपये की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं। ये शिकायतें उत्तर प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों से जुड़ी हैं। पुलिस के मुताबिक, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और निवेश-ट्रेडिंग के नाम पर प्राप्त रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।

20 प्रतिशत कमीशन का दिया जाता था लालच

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को उनके बैंक खाते इस्तेमाल करने के बदले 20 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देते थे। इसके लिए खाताधारकों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक ले लिए जाते थे। बाद में इन खातों में ठगी से हासिल रकम जमा कराई जाती थी और एटीएम या चेक के माध्यम से नकदी निकाल ली जाती थी।

निकाली गई रकम में से निर्धारित कमीशन काटने के बाद शेष राशि को विदेशी एजेंटों की मदद से यूएसडीटी में बदला जाता था। इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी विदेशी वॉलेट में भेज दी जाती थी। इस तरीके से गिरोह कथित तौर पर ठगी की रकम को बैंक खातों और डिजिटल करेंसी के जरिए आगे स्थानांतरित करता था।

अन्य आरोपियों की तलाश और भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार, मामले में चिलुआताल थाने में मुकदमा दर्ज है। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मकसूद आलम खां भी शामिल है, जिसके लिए गोविन्द वर्मा काम करता था। गोविन्द की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के नेटवर्क, विदेशी वॉलेट में भेजी गई रकम और अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।