डेस्क : उत्तर प्रदेश कांग्रेस में पार्टी के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से जुड़े विवाद के बाद पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। ममता चौधरी ने घटना को लेकर अजय राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं और महिलाओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया है।
ममता चौधरी का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने इस घटना को महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखने की बात कही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कौन हैं ममता चौधरी?
ममता चौधरी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की महिला नेता हैं। वह लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़ी रही हैं और महिला कांग्रेस में जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उन्होंने स्थानीय निकाय की राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वर्ष 2006 में लखनऊ नगर निगम के मालवीय नगर वार्ड से उनका राजनीतिक जुड़ाव सामने आया। संगठन में सक्रियता के चलते वह महिला कांग्रेस के मध्य जोन की अध्यक्ष भी रहीं।
कार्यक्रम के दौरान कैसे बढ़ा विवाद?
विवाद लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हुआ। कार्यक्रम में भीड़ और आवाजाही को लेकर कहासुनी होने के बाद स्थिति बिगड़ने की खबर सामने आई। इस दौरान धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की बात भी सामने आई। घटना ने पार्टी की आंतरिक व्यवस्था और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जबकि घटना से जुड़े दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के बाद ही विवाद की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
कांग्रेस नेतृत्व के सामने चुनौती
इस घटना ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर अनुशासन और आपसी समन्वय को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। विपक्षी दलों के लिए भी यह मामला कांग्रेस पर सवाल उठाने का अवसर बन सकता है। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और मामले की जांच या संगठनात्मक कार्रवाई को लेकर कोई कदम उठाता है या नहीं।








