राजनीतिक डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर के मुद्दे की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और अब उसके बहकावे में नहीं आने वाली।
अमित शाह ने मंगलवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एक बार फिर हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। शाह ने दावा किया कि आगामी आम चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भारी बहुमत से सत्ता में लौटेगा और कांग्रेस लगातार चौथी बार लोकसभा चुनाव हारेगी।
14 दलों को साथ लाकर देश की आवाज नहीं बन सकते: शाह
गृह मंत्री ने विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल कई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को एकत्र कर भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति कर रही है, जिससे उसे राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा।
उन्होंने राहुल गांधी से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति और राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए।
एसआईआर और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पर उठाए सवाल
अमित शाह ने एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखना उचित नहीं है। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के समर्थन को नकारने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावों में भाजपा और एनडीए को जनता का समर्थन मिला है। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए शाह ने भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के भरोसे से जोड़ा।
शाह ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना आवश्यक है। उनके अनुसार, मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम होने चाहिए।
कांग्रेस की राजनीति पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को जनता से सीधा संवाद बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल विरोध और राजनीतिक आयोजनों के जरिए देश की जनता का विश्वास हासिल नहीं कर सकती।
अमित शाह के इन बयानों से एसआईआर, घुसपैठ और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिले हैं।








