डेस्क : शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत की अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने की घटना का जिक्र करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद गहरा गया है। अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस से शिकायत कर राउत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा मिलने का खतरा पैदा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता विनीत जिंदल के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (IFSO) को शिकायत भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जांच की मांग की गई है।
हालांकि, शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मामला शिकायत और कार्रवाई की मांग को लेकर चर्चा में है।
क्या है संजय राउत की पोस्ट?
विवाद की शुरुआत 19 अक्टूबर को संजय राउत की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट से हुई। इसमें उन्होंने अल्बानिया में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगाए जाने का जिक्र किया था। राउत ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी इस बात से नाराज थे कि अदालत कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे प्रधानमंत्री की मदद कर रही थी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने संसद, सरकारी कार्यालयों और मंत्रियों के घरों को निशाना बनाया। राउत ने अपनी पोस्ट में कहा था कि दुनिया के सभी देशों, खासकर भारत को, इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।
बीजेपी ने साधा निशाना
राउत की टिप्पणी के बाद बीजेपी नेताओं ने उनकी आलोचना की और आरोप लगाया कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास और अराजकता को बढ़ावा दे सकते हैं। बीजेपी की ओर से राउत से माफी मांगने की मांग भी की गई।
वहीं, शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने भी राउत के बयान पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भी जताई असहमति
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी हिंसक प्रदर्शनों से सबक लेने की बात पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना और सुप्रीम कोर्ट या संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
राउत ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद संजय राउत ने स्पष्ट किया कि उन्हें भारतीय सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि उनका आशय देश में संभावित अव्यवस्था को लेकर चेतावनी देना था और सुप्रीम कोर्ट को इस स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और सार्वजनिक जीवन में नेताओं की टिप्पणियों की जिम्मेदारी को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर दिल्ली पुलिस की शिकायत पर संभावित कार्रवाई पर है।









