अखिलेश यादव का बड़ा बयान: चुनाव में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

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डेस्क : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निष्पक्षता से निभाएं। यदि वे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता बनकर काम करेंगे, तो उन्हें जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ के काकोरी स्थित अभिनंदन रिसॉर्ट में पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सोनू कनौजिया के पिता रामगोपाल कनौजिया को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के माध्यम से मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील

सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा बिना बेईमानी और चुनावी धांधली के चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक जैसे अधिकारी शिक्षकों को फोन करके धमका रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तथ्य और प्रमाण जुटाए जा रहे हैं, जो भविष्य में कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकते हैं।

अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग से अपील की कि चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की वोटों की हेराफेरी या मतदाता को प्रभावित करने की कोशिश को रोका जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का दायित्व निष्पक्ष रहकर काम करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करना।

मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची आम तौर पर उपलब्ध नहीं होने के बावजूद भाजपा के मंत्रियों और नेताओं के पास इसकी जानकारी पहुंच रही है। उन्होंने सवाल किया कि नेताओं तक मतदाता सूची कैसे पहुंची और फोन के माध्यम से प्रचार कैसे किया जा रहा है।

अखिलेश ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि संदिग्ध फोन कॉल और वॉयस कॉलिंग के मामलों को रिकॉर्ड किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप

अखिलेश यादव ने शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और तबादलों एवं नियुक्तियों में पैसे के लेनदेन का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में बदलाव होता है, तो दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने लखनऊ विकास प्राधिकरण पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। ये आरोप अखिलेश यादव ने लगाए हैं; संबंधित अधिकारियों और सरकार का पक्ष सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

एसआईआर और मतदाता गणना पर सवाल

सपा प्रमुख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि प्रक्रिया के बावजूद कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर कई मतदाता प्रविष्टियां सामने आने के सवाल बने हुए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गलती को मामूली मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

सपा प्रत्याशियों के समर्थन में की अपील

अखिलेश यादव ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने की अपील भी की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने तथा पूरी सतर्कता के साथ मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने का आह्वान किया।

एमएलसी चुनाव से पहले अखिलेश यादव के इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी निष्पक्षता, सरकारी अधिकारियों की भूमिका और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है।