नई दिल्ली : दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर कथित तौर पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और शरजील इमाम की रिहाई की मांग से जुड़े संदेश लिखे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भी नारे लिखे जाने की जानकारी सामने आई है।
एबीवीपी ने जताई आपत्ति, कार्रवाई की मांग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर की अलग-अलग दीवारों पर लिखे गए नारों को लेकर एबीवीपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी कुछ तस्वीरें प्रसारित होने की बात कही गई है, जिनमें दीवारों पर लिखे संदेश दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इन संदेशों को किसने लिखा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है, इस संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर परिसर में प्रदर्शन
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विश्वविद्यालय परिसर में छात्रसंघ की बहाली और छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2006 में भंग किए गए छात्रसंघ को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को विश्वविद्यालय के गालिब लॉन में छात्रों की आमसभा आयोजित की गई थी। इसमें सैकड़ों छात्रों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
नवगठित संगठन ‘यूनाइटेड स्टूडेंट्स ऑफ जामिया’ ने बैठक का उद्देश्य परिसर में जारी धरने और भूख हड़ताल का समर्थन करना तथा छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाना बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवादित नारों के मामले में खबर लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दिल्ली पुलिस को भी इस संबंध में शिकायत मिलने की जानकारी नहीं थी।
फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि दीवारों पर नारे किसने लिखे और विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









