डेस्क : सोने की कीमतों में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को गिरावट दर्ज की गई। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन के बीच सोने के भाव में आई इस नरमी से खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर बना हुआ है। ऐसे में आभूषण खरीदने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है।
सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की स्थिति और ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों का असर पड़ता है। निवेशकों की मांग में बदलाव भी सोने के भाव को प्रभावित करता है। इसी वजह से घरेलू बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं।
22 और 24 कैरेट सोने में अंतर
आभूषण खरीदने वाले ज्यादातर लोग 22 कैरेट सोने को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है। 24 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर निवेश के लिए सिक्के और बिस्कुट खरीदने में किया जाता है। इसकी तुलना में 22 कैरेट सोना आभूषण बनाने के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है।
सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद ग्राहकों को खरीदारी करते समय शुद्धता और हॉलमार्क की जांच करनी चाहिए। आभूषणों की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू कर भी शामिल होते हैं, इसलिए बिल पर दर्ज कुल राशि बाजार भाव से अलग हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी पड़ता है असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग, अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों को लेकर होने वाले फैसलों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है। इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर तथा घरेलू मांग भी सोने की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना खरीदने से पहले एक से अधिक ज्वेलर के भाव की तुलना करना उपयोगी रहता है। ग्राहक को सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और बिल में दर्ज वजन की जानकारी भी ध्यान से जांचनी चाहिए।
नोट: सोने की कीमतें दिन के दौरान बदल सकती हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के भाव में अंतर संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले 23 अक्टूबर 2026 के स्थानीय बाजार भाव की पुष्टि जरूर करें।









