ट्रंप की क्रिप्टो कंपनी पर मुकदमा, UAE से जुड़े 2 अरब डॉलर के सौदे पर उठे सवाल

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डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल कानूनी विवाद में घिर गई है। कंपनी पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े बड़े वित्तीय सौदों के माध्यम से कथित तौर पर लाभ हासिल करने और अमेरिकी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी अदालत में पुष्टि नहीं हुई है।

एनडीटीवी की ब्लूमबर्ग न्यूज पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार, यह मुकदमा सर्कल इंटरनेट ग्रुप के एक शेयरधारक जे. बेंजामिन ग्रीनबर्ग ने दायर किया है। सर्कल इंटरनेट ग्रुप स्टेबलकॉइन बाजार में वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की प्रतिस्पर्धी कंपनी है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन सौदों से वर्ल्ड लिबर्टी को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला और सर्कल के शेयरधारकों के हितों को नुकसान पहुंचा।

500 मिलियन डॉलर में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का सौदा

मुकदमे में दो प्रमुख वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाए गए हैं। पहला सौदा वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी को 500 मिलियन डॉलर में बेचने से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हिस्सेदारी संयुक्त अरब अमीरात के शाही परिवार के एक सदस्य द्वारा समर्थित निवेश इकाई को बेची गई थी।

दूसरा मामला अबू धाबी स्थित एमजीएक्स (MGX) के 2 अरब डॉलर के निवेश से संबंधित है। इस निवेश को पूरा करने के लिए वर्ल्ड लिबर्टी के USD1 स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल किया गया था। यह निवेश क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) में किया गया था।

याचिकाकर्ता का दावा है कि इन लेन-देन के कारण ट्रंप के व्यावसायिक हितों और राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों के बीच संभावित हितों के टकराव का सवाल उठता है।

अमेरिकी संविधान के प्रावधानों का हवाला

मुकदमे में अमेरिकी संविधान के Foreign Emoluments Clause का उल्लेख किया गया है। यह प्रावधान संघीय पदाधिकारियों द्वारा विदेशी सरकारों से लाभ या उपहार स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगाता है, जब तक कि आवश्यक संवैधानिक शर्तें पूरी न हों।

याचिकाकर्ता ने कथित उल्लंघनों को रोकने के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही, संबंधित लाभ की वसूली और अन्य क्षतिपूर्ति की मांग भी की गई है। अदालत ने अभी इन आरोपों की सत्यता या कानूनी वैधता पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

कंपनी और व्हाइट हाउस ने आरोपों को नकारा

वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता डेविड वॉक्समैन के अनुसार, कंपनी अमेरिकी कानूनों और नियामकीय नियमों का पालन करती है।

वहीं, व्हाइट हाउस ने भी राष्ट्रपति के हितों के टकराव संबंधी आरोपों को खारिज किया है। प्रवक्ता अन्ना केली ने मुकदमे को निराधार बताया और कहा कि इसमें ट्रंप तथा उनके परिवार के खिलाफ पहले लगाए जा चुके आरोपों को दोहराया गया है।

सर्कल इंटरनेट ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि उसने इस मुकदमे को दायर करने की पहल नहीं की और न ही इसे अधिकृत किया। यह मामला कंपनी के एक व्यक्तिगत शेयरधारक ने उसके हितों की ओर से राहत मांगते हुए दायर किया है।

ट्रंप के क्रिप्टो कारोबार पर फिर उठे सवाल

डोनाल्ड ट्रंप और उनके बेटों ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की सह-स्थापना की थी। कंपनी ने WLFI टोकन और USD1 स्टेबलकॉइन जारी किया है। USD1 को अमेरिकी डॉलर के बराबर मूल्य बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस मुकदमे ने एक बार फिर राष्ट्रपति के निजी व्यावसायिक हितों और सार्वजनिक पद की जिम्मेदारियों के बीच संभावित टकराव को लेकर बहस तेज कर दी है। हालांकि, फिलहाल सभी आरोप विवादित हैं और मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।