चुनावी हार के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लावियो, ब्राजील में राजनीतिक विवाद तेज

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डेस्क : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका पहुंचने की खबर से देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्लावियो मंगलवार देर रात अमेरिका पहुंचे। उनकी यात्रा ऐसे समय हुई है, जब उनके पासपोर्ट को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद उन्होंने कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और परिणाम को चुनौती देने की बात कही। हालांकि, उनकी पार्टी ने लूला की जीत को स्वीकार किया है।

पासपोर्ट को लेकर कानूनी विवाद

फ्लावियो की अमेरिका यात्रा को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ी जांच के बीच सामने आया है। फ्लावियो ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके ब्राजीलियाई और राजनयिक पासपोर्ट रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, उनके देश से बाहर जाने की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

अमेरिका में वीजा देने की तैयारी

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से उनकी यात्रा और वहां ठहरने के स्थान के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने फ्लावियो के देश छोड़ने की खबर पर नाराजगी जताई है। दूसरी ओर, फ्लावियो ने इससे पहले ब्राजील में रहकर विपक्ष की भूमिका निभाने की बात कही थी।

पिता भी चुनाव हारने के बाद गए थे अमेरिका

फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो भी वर्ष 2022 में चुनाव हारने के बाद अमेरिका चले गए थे और करीब तीन महीने बाद ब्राजील लौटे थे। बाद में उन्हें तख्तापलट की साजिश से जुड़े मामले में 27 साल की सजा सुनाई गई।

फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने की खबर के बाद उनकी यात्रा, पासपोर्ट विवाद और ब्राजील की राजनीति पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उनकी यात्रा से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।